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Onlinexams.in News 23/March/2017

  • लंदन में ब्रिटिश पार्लियामेंट पर आतंकी हमला


    ब्रिटेन की राजधानी लंदन में 22 मार्च 2017 को पार्लियामेंट के बाहर वेस्टमिनिस्टर ब्रिज पर आतंकी हमला हुआ. इस हमले में पांच लोगों की मौत हो गयी जबकि 40 अन्य घायल हो गये.स्थानीय पुलिस की ओर से मीडिया के लिए जारी किए गये बयान में बताया गया कि हमलावर ने पहले पार्लियामेंट से थोड़ी ही दूर पर स्थित वेस्टमिंस्टर पुल पर पैदल चल रहे लोगों को कार से कुचलना आरंभ कर दिया जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई. इसके बाद हमलावर ने पार्लियामेंट के समीप पुलिस पर चाकू से हमला कर दिया जिससे एक पुलिसकर्मी की मौत हो गयी.हमले के समय पार्लियामेंट में सत्र चल रहा था और इसमें 200 से अधिक सांसद मौजूद थे. ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने घटना की कड़ी निंदा करते हुये कहा कि हमले की यह जगह जानबूझकर चुनी गयी क्योंकि यहां सभी देशों,धर्मों और संस्कृतियों के लोग आते हैं और स्वतंत्रता, लोकतंत्र और बोलने की आजादी का जश्न मनाते हैं.इस मामले पर विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि इस हमले में किसी भारतीय के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है तथा वे लगातार भारतीय उच्चायोग से संपर्क बनाये हुए हैं.
    लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने भारतीयों की सहायता हेतु दो नंबर जारी किये (020-86295950 एवं 020-76323035) जिनपर बात करके भारतीय नागरिकों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की जा सकती है.

  • साइबर सुरक्षा हेतु भारत और अमेरिका के मध्य समझौते को मंजूरी


    केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 22 मार्च 2017 को भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सर्ट-इन) तथा यूएस होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ऑन को-ऑपरेशन के मध्य साइबर सुरक्षा हेतु समझौता ज्ञापन को मंजूरी प्रदान की.इस समझौता ज्ञापन पर 11 जनवरी 2017 को नई दिल्ली में हस्ताक्षर किये गये थे.इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के मध्य साइबर सुरक्षा को लेकर जानकारी का आदान-प्रदान करने तथा प्रासंगिक कानूनों, नियम और विनियमों, समानता, पारस्परिकता और पारस्परिक लाभ के आधार पर सहयोग करना है.
    पृष्ठभूमि
    19 जुलाई 2011 को संयुक्त राज्य अमेरिका एवं भारत सरकार ने साइबर सुरक्षा हेतु संगठित रूप से काम करने का निर्णय लिया. जुलाई 2011 से सर्ट-इन तथा यूएस-सर्ट साइबर सुरक्षा के मुद्दे पर जानकारी साझा कर रहे हैं तथा विभिन्न समस्याओं को सुलझा रहे हैं.

  • यूपी कैबिनेट: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 46 विधायकों को मंत्री बनाया


    उत्तर प्रदेश के नव निर्वाचित मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने मंत्रिमंडल का गठन किया, मुख्यमंत्री ने कुल 46 विधायकों को मंत्री बनाया. जिनमे 22 विधायक कैबिनेट मंत्री है जबकि 24 विधायकों को राज्य मंत्री व स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृह, आवास एवं शहरी विभाग, राजस्व खाद एवं रसद, नागरिक आपूर्ति विभाग व अन्‍य सभी मंत्रालय और विभाग जो किसी अन्‍य के पास नहीं अपने पास रखे हैं.कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आई रीता बहुगुणा जोशी को माध्‍यमिक शिक्षा विभाग सौंपा गया. बसपा से भाजपा में आए स्‍वामी प्रसाद मौर्य को सहकारिता मंत्री बनाया गया. डिप्‍टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या को पीडब्‍ल्‍यूडी विभाग, दूसरे डिप्‍टी डॉ दिनेश शर्मा को संसदीय कार्य मंत्रालय का कार्यभार दिया गया.

  • सुशील कुमार सहित 13 खिलाड़ी ओलंपिक हेतु राष्ट्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त


    केंद्र सरकार ने सुशील कुमार सहित 13 खिलाड़ी ओलंपिक हेतु राष्ट्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. ओलंपियनों को दिए गए खेल वर्गों हेतु राष्ट्रीय पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है.राष्ट्रीय पर्यवेक्षक भारत सरकार, खेल प्राधिकरण तथा राष्ट्रीय खेल संघ (एनएसएफ) की सहायता करेंगे. इससे भारतीय ओलंपिक संघ को लंबी अवधि की विकास योजनाओं की तैयारी करने और उनका कार्यान्वयन करने में सहायता मिलेगी.राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के नाम कुछ इस तरह हैं जिसमें एथलेटिक्स हेतु पी. टी. ऊषा एवं अंजू बॉबी जार्ज, बैडमिंटन के लिए अपर्णा पोपट, तीरंदाजी के लिए डॉ. संजीव कुमार सिंह, मुक्केबाजी के लिए मेरीकॉम, अनिल कुमार, शूटिंग के लिए अभिनव बिंद्रा, हॉकी के लिए जगबीर सिंह,टेनिस के लिए सोमदेव देवबर्मन, कुश्ती के लिए सुशील कुमार, भारोत्तोलन के लिए कर्णम मल्लेश्वरी, फुटबॉल के लिए आई. एम. विजयन, टेबल टेनिस के लिए कमलेश मेहता, तैराकी के लिए खजान सिंह के नामों की घोषणा की गई है.

  • केंद्र सरकार ने एनएसईबीसी के गठन को मंजूरी प्रदान की


    केंद्र सरकार ने नेशनल कमीशन फॉर सोशियली एंड एजुकेशनली बैकवर्ड क्लास (एनएसईबीसी/ NSEBC) आयोग गठित करने का निर्णय लिया है. नवगठित आयोग पिछड़ा वर्ग आयोग का स्थान लेगा. इस नवगठित आयोग को कॉन्स्टीट्यूशनल बाडी का दर्जा प्रदान किया जाएगा. नवगठित आयोग के अनुसार ओबीसी में नई जाति जोड़ने हेतु संसद की मंजूरी आवश्यक होगी. मंत्रिमंडल ने पिछड़ा वर्ग के लिए राष्ट्रीय आयोग अधिनियम, 1993 को भी निरस्त कर दिया और उसके तहत गठित संस्था को भंग कर दिया. इसके लिए संविधान में भी संशोधन किया जाएगा.