[psl_page_header page_id=13]

Blog

Onlinexams.in News 27/March/2017

  • सेबेस्टियन वेटेल ने ऑस्ट्रेलिया ग्रां प्री खिताब ख़िताब जीता


    फॉर्मूला-1 के पेशेवर खिलाड़ी तथा फेरारी टीम के ड्राईवर सेबेस्टियन वेटेल ने 26 मार्च 2017 को मेलबर्न में आयोजित ऑस्ट्रेलिया ग्रां प्री खिताब जीता. उन्होंने इस सीजन का यह पहला खिताब जीता है.इससे पहले क्वालीफाइंग राउंड में हैमिल्टन ने पोल पोजिशन हासिल की लेकिन अगले दिन हुई रेस में सेबेस्टियन वेटेल ने उलटफेर करते हुए फॉर्मूला-1 ख़िताब जीता.चार बार के विश्व विजेता वेटेल ने अंतिम बार सितंबर 2015 के बाद किसी रेस में पोल पोजीशन प्राप्त करते हुए ख़िताब जीता है. उन्होंने सितंबर 2015 में सिंगापुर ग्रां प्री रेस में जीत हासिल की थी.वेटेल ने ऑस्ट्रेलिया ग्रां प्री को हैमिल्टन से केवल 10 सेकेंड पहले समाप्त किया. इस अवसर पर वेटेल ने कहा कि इस जीत को हासिल करने के लिए उन्होंने एक लम्बा रास्ता तय किया तथा अब में अभूतपूर्व आनंद महसूस कर रहे हैं.मर्सिडीज के वैल्टेरी बोटास तीसरे और फेरारी के किमी राइकनन चौथे स्थान पर रहे. फोर्स इंडिया के सर्जियो पेरेज सातवें और एस्तेबन ओकॉन दसवें नंबर पर रहे. इस तरह फोर्स इंडिया को कुल सात अंक मिले. टीम ने पांचवां स्थान हासिल किया. पहले स्थान पर फेरारी मौजूद है जिसके 37 अंक हैं.दूसरे स्थान पर 33 अंक के साथ मर्सिडीज है. स्थानीय रेसर डेनियल रिकियार्डो रेस पूरी करने में भी कामयाब नहीं हो पाए.

  • सीसीईए ने पूर्वोत्तर रोड नेटवर्क कनेक्टिविटी परियोजना को मंजूरी दी


    आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने पूर्वोत्तर रोड नेटवर्क कनेक्टिविटी परियोजना के पहले चरण (एनईआरएनसीपी) को मंजूरी प्रदान की. इसके अंतर्गत मेघालय एवं मिज़ोरम में 403 किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जायेगा.इस कुल 403 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग में 351 किलोमीटर मिज़ोरम तथा 52 किलोमीटर मेघालय में बनाया जायेगा. इस परियोजना को ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) योजना के तहत बनाया जायेगा.

  • देश में दिल्ली एनडीएमसी को डबल ए प्लस रैंकिंग प्रदान की गयी


    देश में नगर निगमों द्वारा म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने के मामले में 94 शहरों में क्रेडिट रेटिंग कराई गई. क्रेडिट रेटिंग में एनडीएमसी, नवी मुंबई और पुणे ने इस मामले में टॉप किया. क्रेडिट रेटिंग अमृत जैसी योजनाओं में केंद्र सरकार से पैसा अनुदान के उद्देश्य से कराई गई.दिल्ली एनडीएमसी ने देश के दो और शहरों के साथ डबल ए प्लस की रैंकिंग हासिल की है. क्रेडिट रेटिंग संबंधी यह रैंकिंग क्रिसल और इरका जैसी नामी क्रेडिट एजेंसियों ने जांच पड़ताल के बाद जारी की.
    मुख्य तथ्य-
    रेटिंग एजेंसियों की दृष्टि में सबसे टॉप की रैंक ट्रिपल ए होती है, यह ट्रिपल ए रैंक देश के 94 में से किसी भी शहर को रैंक नहीं मिल सकी.
    यह रैंक मिलने के बाद अब एनडीएमसी पैसा जुटाने हेतु म्युनिसिपल बॉन्ड भी जारी करने का अधिकारी हो जाएगा.
    इस तरह के बॉन्ड जारी करने हेतु कम से कम ट्रिपल बी की रैंकिंग हासिल करना अनिवार्य होता है.
    केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय के अनुसार 94 में से 55 शहरों की रेटिंग ट्रिपल बी या उससे ऊपर है.
    बाकी 39 शहरों की रेटिंग ट्रिपल बी से भी नीचे है.

  • पढ़े लिखे होने पर कामचोरी न करें: न्यायालय


    दिल्ली की एक अदालत ने घरेलू हिंसा मामले पर सुनवाई करते हुए एक महिला की ओर से अंतरिम गुजारा भत्ता राशि बढ़ाने संबंधी याचिका खारिज कर दी.अदालत ने कहा कि वह पढ़ी-लिखी एवं रोज़गार करने में सक्षम है तो उसे जीवनसाथी पर गुज़ारा भत्ता बढ़ाने के लिए दबाव नहीं डालना हिए.अदालत ने यह फैसला एक महिला की ओर से अंतरिम गुजारा भत्ता राशि बढ़ाये जाने के संबंध से दायर याचिका की सुनवाई के दौरान दिया.अदालत यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि वह पति से ज्यादा पढ़ी-लिखी है तथा उसे खाली नहीं बैठना चाहिए.कोर्ट ने कहा महिला को किसी भी तरह से पति की कमाई पर परजीवी अथवा कामचोर की तरह निर्भर नहीं रहना चाहिए.इस मामले में महिला की मांग थी कि उसे मिलने वाले 5,500 रुपये के मासिक अंतरिम भत्ते में बढ़ोतरी करके 25,000 रुपये कर दिया जाए.इस याचिका को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आर के त्रिपाठी ने खारिज कर दिया. न्यायाधीश ने कहा, ‘याचिकाकर्ता खुद एक शिक्षित महिला है और वह अपने अलग हो चुके पति से कहीं अधिक शिक्षित है.महिला के पास एमए, बी.एड और एलएलबी जैसी डिग्रियां हैं.ऐसा नहीं होना चाहिए कि वह घर पर बेकार बैठी रहे और प्रतिवादी की ही कमायी पर आश्रित रहे.’गौरतलब है कि इस मामले में वर्ष 2008 में महिला को हर महीने 5,000 रुपये बतौर गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया गया था. इसमें 2015 में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गयी.महिला ने अपनी अर्जी में इसे बढ़ाकर 25,000 रुपये करने की मांग की थी.

  • पश्चिम बंगाल ने 32वीं बार संतोष ट्रॉफी जीती


    पश्चिम बंगाल ने 26 मार्च 2017 को गोवा को हराते हुए 32वीं बार संतोष ट्रॉफी जीती.पश्चिम बंगाल के मनवीर सिंह के 119वें मिनट में किए गए गोल की बदौलत फाइनल में गोवा को 1-0 से शिकस्त देते हुए संतोष ट्रॉफी अपने नाम की.पश्चिम बंगाल का इस तरह वर्ष 2011 के बाद खिताब जीतने का छह साल का इंतजार खत्म हुआ. गोवा ने पिछली बार वर्ष 2009 में ट्राफी जीती थी. गोवा तीन बार टूर्नमेंट की मेजबानी कर चुका है तथा वह वर्ष 1972 में सेमीफाइनल और वर्ष 1996 फाइनल में पश्चिम बंगाल से हार गया था.उसने वर्ष 1990 में केरल के खिलाफ ट्रोफी जीती थी.
    संतोष ट्रॉफी के बारे में:
    इंडियन फुटबाल एसोसिएशन ने वर्ष 1941 में संतोष ट्रॉफी फुटबॉल प्रतियोगिता की शुरुआत की थी.
    इसे राज्य एवं सरकारी संस्थाओं के बीच खेला जाता है.
    स्वर्गीय मनमथा नाथ राय चौधरी ने महाराजा आफ संतोष जो कि अब (बांग्लादेश) क्षेत्र में पड़ता है, के नाम पर इसका नामकरण किया. इसे विजेता टीम को दिया जाता है.
    रनर अप को डॉ एस के गुप्ता की पत्नी की याद में आरंभ की गयी कमला गुप्ता ट्रॉफी दी जाती है. जबकि तीसरे स्थान पर रहने वाले को मैसूर फुटबॉल एसोसिएशन की ओर से संपंगी कप दिया जाता है. संपंगी मैसूर के प्रसिद्ध फुटबॉलर थे.
    सबसे अधिक पश्चिम बंगाल फाइनल में स्थान बनाकर 32 बार संतोष ट्रॉफी का खिताब जीती.